दिल्ली का छत्तरपुर मंदिर जिसे श्री आद्या कात्यायनी शक्तिपीठ दक्षिण के नाम से भी जाना जाता है, भारत का दूसरा सबसे बड़ा मंदिर है। लगभग 70 एकड़ भूमि में फैला chhatarpur mandir अपनी अद्भुत वास्तुकला और नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है, जो पूरी तरह दक्षिण भारतीय शैली से प्रेरित है। इसे दक्षिण भारत की कला का उत्कृष्ट नमूना भी कहा जाता है।
यह मंदिर देवी दुर्गा के छठे स्वरूप, माता कात्यायनी को समर्पित है और इसकी दिव्यता हर भक्त के दिल में अटूट आस्था का संचार करती है। यहां आने वाले भक्त मानते हैं कि उनकी हर मनोकामना पूर्ण होती है। कई कुंवारी कन्याओं को यहां मनचाहा वर मिला है, तो कई महिलाओं की गोद भरी है। माता की शक्ति से यहां आने वाले श्रद्धालुओं की झोलियां खुशियों से भर जाती हैं।
इस मंदिर की खासियत यह है कि यहां माता कात्यायनी की विशाल मूर्ति के लिए बनाई जाने वाली माला में दक्षिण भारत से लाए गए हर प्रकार के फूलों का उपयोग किया जाता है। छत्तरपुर मंदिर न केवल श्रद्धा का केंद्र है, बल्कि इसकी भव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा इसे देखने वालों को मंत्रमुग्ध कर देती है।
छतरपुर मंदिर का इतिहास – Chhatarpur Mandir History In Hindi
छतरपुर मंदिर की स्थापना 1974 में कर्नाटक के संत बाबा नागपाल जी ने की थी। यह भव्य मंदिर, जो आज 70 एकड़ भूमि में फैला है, कभी एक साधारण कुटिया से शुरू हुआ था। यह मंदिर मां दुर्गा के छठे स्वरूप माता कात्यायनी, को समर्पित है, जहां देवी अपने रौद्र और शक्तिशाली रूप में विराजमान हैं।
माता की मूर्ति में उन्हें एक हाथ में चण्ड-मुण्ड के सिर और दूसरे हाथ में खड्ग धारण किए हुए दिखाया गया है, जो उनके असीम साहस और भक्तों के कष्टों को दूर करने वाली शक्ति का प्रतीक है। इस दिव्य मंदिर में भक्तों की गहरी आस्था है, और यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा हर आगंतुक को आशीर्वाद से सराबोर कर देती है। छतरपुर मंदिर न केवल अपने ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यह शक्ति और श्रद्धा का अनुपम संगम भी है।
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छतरपुर मंदिर की वास्तुकला
वास्तुकला की दृष्टि से छतरपुर मंदिर एक अद्भुत कृति है, जिसे इसकी अनोखी पत्थर कला और शिल्पकारी के लिए जाना जाता है। 2005 में दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर के निर्माण से पहले, यह भारत का सबसे बड़ा और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मंदिर था। पूरी तरह से संगमरमर से निर्मित इस मंदिर की शैली को वेसारा वास्तुकला के रूप में जाना जाता है, जहां जालीदार डिजाइन इसकी सुंदरता को और निखारते हैं।
मंदिर का विशाल परिसर विभिन्न भागों में बंटा हुआ है, जिसमें मनमोहक बाग और लॉन शामिल हैं। ये क्षेत्र भक्तों को शांति और ध्यान का सुखद अनुभव प्रदान करते हैं। मंदिर की बारीक नक्काशी इसकी भव्यता को और बढ़ाती है, जबकि बड़े आकार का परिसर इसे देखने वालों के लिए एक मंत्रमुग्ध कर देने वाला दृश्य बनाता है।
यहां देवी कात्यायनी की दिव्य मूर्ति स्थापित है, जो सोने की परत से सजी है। इस मूर्ति तक प्रार्थना हॉल के माध्यम से पहुंचा जा सकता है। नवरात्रि के दौरान, यह मंदिर भक्तों से खचाखच भरा रहता है, और प्रबंधन भक्तों को सुचारू रूप से दर्शन कराने के लिए विशेष व्यवस्था करता है। छतरपुर मंदिर का यह अद्वितीय संयोजन भव्यता और आध्यात्मिकता का प्रतीक है।
छतरपुर मंदिर का समय – Chhatarpur Ka Samay
- छतरपुर मंदिर खुलने का समय – Chhatarpur Mandir Khulne Ka Samay
छतरपुर मंदिर हररोज सुबह 4:00 बजे से 1: 00 और शाम 4:00 बजे से 11: 00 बजे का रहता है।
- छतरपुर मंदिर बंद होने का समय – chhatarpur mandir band hone ka Samay
छतरपुर मंदिर रात को 11: 00 बजे के बाद भक्तो के लिए बंद हो जाता हो जाता है।
- छतरपुर मंदिर आरती का समय – chhatarpur mandir aarti ka samay
छतरपुर मंदिर की आरती हररोज सुबह 6.30 a.m और शाम 9 p.m को होती है।
छतरपुर मंदिर के आस पास घूमने की जगह – Chhatarpur Ke Aas Paas Ghumne Ki Jagah
- कुतुब मीनार
- लोटस टेम्पल
- इस्कॉन मंदिर
- कालकाजी मंदिर
- तुगलकाबाद का किला
- सिटी वॉक मॉल
- शनि मंदिर
दिल्ही में कई घूमने की जगह है, आगे पढ़े : दिल्ली में घूमने के प्रसिद्ध स्थान
छतरपुर मंदिर से जुड़े प्रश्न
1. छतरपुर मंदिर क्यों प्रसिद्ध है?
छतरपुर मंदिर अपनी भव्य वास्तुकला, देवी कात्यायनी की सोने से मढ़ी मूर्ति, और भक्तों की गहरी आस्था के लिए प्रसिद्ध है। यह मंदिर शांति, भक्ति और भारतीय शिल्प कला का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है।
2. छतरपुर में कौन सा मंदिर प्रसिद्ध है?
छतरपुर में श्री आद्या कात्यायनी शक्तिपीठ मंदिर, जिसे छतरपुर मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, सबसे प्रसिद्ध है। यह देवी कात्यायनी को समर्पित भारत का दूसरा सबसे बड़ा मंदिर है।
3. दिल्ली में छतरपुर मंदिर कहां पर है?
दिल्ली में छतरपुर मंदिर दक्षिण दिल्ली के छतरपुर क्षेत्र में स्थित है। यह मंदिर कुतुब मीनार से लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और मीहरौली-गुड़गांव रोड के पास आसानी से पहुंचा जा सकता है।
4. दिल्ली का सबसे बड़ा मंदिर कौन सा है?
दिल्ली का सबसे बड़ा मंदिर अक्षरधाम मंदिर है, जो अपनी भव्यता और अद्भुत वास्तुकला के लिए विश्व प्रसिद्ध है। 2005 में निर्मित यह मंदिर भारतीय संस्कृति, परंपरा, और अध्यात्म का प्रतीक है। इससे पहले, छतरपुर मंदिर दिल्ली का सबसे बड़ा मंदिर था, जो अब भी अपनी विशालता और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है।
5. दिल्ली छतरपुर में कौन सा मंदिर है?
दिल्ली के छतरपुर में श्री आद्या कात्यायनी शक्तिपीठ मंदिर, जिसे आमतौर पर छतरपुर मंदिर कहा जाता है, स्थित है। यह भव्य मंदिर देवी दुर्गा के छठे स्वरूप माता कात्यायनी को समर्पित है और देश का दूसरा सबसे बड़ा मंदिर है। इसकी अद्भुत वास्तुकला और धार्मिक महत्व इसे दिल्ली का एक प्रमुख पर्यटन और आस्था केंद्र बनाते हैं।
6. छतरपुर मंदिर कब तक खुलता है?
छतरपुर मंदिर आमतौर पर सुबह 4:00 बजे से रात 11:00 बजे तक खुला रहता है। हालांकि, त्योहारों और विशेष अवसरों के दौरान मंदिर के खुलने और बंद होने के समय में बदलाव हो सकता है। नवरात्रि और अन्य प्रमुख धार्मिक अवसरों पर मंदिर देर रात तक खुला रहता है, ताकि अधिक श्रद्धालु दर्शन कर सकें।
निष्कर्ष
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