ऊटी भारत के दक्षिण में तमिलनाडु राज्य में नीलगिरी पहाड़ियों स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। पहाड़ों की रानी कहा जाने वाला ऊटी स्थल का पूरा नाम उदगमंडलम हैं। बेहद लोकप्रिय ooty me ghumne ke sthal हैं, इसलिए देश-विदेश से लाखो की संख्या में पर्यटक आते है। सर्दियों के मौसम में अन्य स्थलों की तुलना में ऊटी में अधिक ठंड रहती है इसलिए पर्यटक को गर्म कपड़ों के अलावा जरूरी सामान साथ रखना जरूरी है।
हिल स्टेशनों की रानी यानी की oty hill station जहां घास के मैदान, सुखदायक वातावरण, शांत मौसम और यात्रा के लिए आकर्षक स्थलों की लंबी लिस्ट है। ऊटी में आनेवाला प्रत्येक यात्री एक अदभुत और जीवंत अनुभव प्राप्त करता है। आप ऊटी में घूमने के स्थल के अलावा आप काफी सारी चीजे कर सकते है और ऊटी यात्रा को यादगार बना सकते है।
ऊटी में घूमने के स्थल – ooty me ghumne ke sthal
ऊटी में घूमने की जगह के लिए प्रसिद्ध हैं, जो अपने अद्वितीय सौंदर्य के कारण पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। यह हनीमून के लिए भी एक लोकप्रिय गंतव्य है, जहां नवविवाहित जोड़े अपनी नई यात्रा की शुरुआत करने आते हैं। ऊटी की प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण इसे जोड़ों और पर्यटकों दोनों के लिए एक अद्वितीय अनुभव बनाता है।
1. ऊटी झील
नीलगिरी की पहाड़ियों में बसी ऊटी झील का निर्माण 1825 में किया गया था और यह 2.5 किलोमीटर के क्षेत्र में फैली हुई है। यह स्थान पिकनिक मनाने, पैडल बोटिंग का आनंद लेने और फोटोग्राफी के लिए बेहद लोकप्रिय है। झील के चारों ओर कई दुकानें हैं, जहां पर्यटक स्थानीय वस्तुएं खरीद सकते हैं।
2. नीलगिरि पर्वत रेलवे
नीलगिरि पर्वतीय रेल्वे, जिसे 1908 में अंग्रेजों ने बनाया था, आज एक विश्व धरोहर स्थल है। यह रेल्वे करीब 46 किलोमीटर की यात्रा के दौरान सुरंगों, पुलों, हरी-भरी वादियों, झरनों और हरे मैदानों से गुजरते हुए 300 फीट से 7200 फीट की ऊंचाई तक पहुंचती है और ऊटी तक एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करती है।
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3. फर्नहिल महल
मैसूर के महाराजा का ग्रीष्मकालीन फर्नहिल महल, 1844 में बनाया गया, अपनी अनोखी वास्तुकला और भव्यता के लिए प्रसिद्ध है। यह महल अपनी संरचना और आकर्षक शैली से पर्यटकों को प्रभावित करता है और शाही इतिहास का सजीव उदाहरण प्रस्तुत करता है।
4. रोज गार्डन
तमिलनाडु सरकार द्वारा निर्मित, रोज गार्डन 4 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है और यहां 20,000 से अधिक प्रकार के गुलाब उगाए जाते हैं। इसे वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ रोज सोसायटीज द्वारा “गार्डन ऑफ एक्सीलेंस” अवार्ड से सम्मानित किया गया है। ऊटी घूमने के स्थलों में रोज गार्डन अपनी अद्वितीय सुंदरता और फोटोग्राफी के लिए एक प्रमुख आकर्षण है।
5. कलहट्टी झरना
ऊटी की यात्रा के दौरान कलहट्टी झरना एक आकर्षक गंतव्य है, जो ऊटी-मैसूर रोड पर लगभग 13 किमी की दूरी पर स्थित है। यह झरना कलाहट्टी गांव से 2 मील दूर है और वहां तक पहुंचने के लिए रोमांचक ट्रेकिंग का आनंद लिया जा सकता है। प्रकृतिप्रेमी पर्यटकों के लिए यह स्थान आदर्श है, जहां विभिन्न पक्षी और वन्यजीव देखे जा सकते हैं। प्राचीन कथाओं के अनुसार, यह स्थल ऋषि अगस्त्य का निवास स्थान था, जो इसे आध्यात्मिक रूप से भी महत्वपूर्ण बनाता है।
6. प्यकारा जलप्रपात
प्यकारा जलप्रपात ऊटी से लगभग 20 किमी दूर देवदार के घने जंगलों के बीच स्थित है। यह जगह पिकनिक और फोटोग्राफी के लिए शानदार है। यहां पर्यटक प्यकारा झील में स्पीडबोट सवारी का मजा ले सकते हैं, प्राचीन धाराओं के पानी में आनंदित हो सकते हैं और पास के रेस्तरां में भोजन करते हुए प्राकृतिक सुंदरता का लुत्फ उठा सकते हैं।
7. डोड्डाबेट्टा चोटी
दक्षिण भारत का सबसे ऊंचा स्थान डोड्डाबेट्टा चोटी है, जिसकी ऊंचाई 8,606 फीट है। ऊटी से 10 किमी दूर स्थित यह चोटी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। डोड्डाबेट्टा का शीर्ष और नीलगिरी की खूबसूरत वादियां मंत्रमुग्ध कर देती हैं। यहां दो बड़े दूरबीन उपलब्ध हैं, जिनसे घाटी के मनोरम दृश्य देखे जा सकते हैं। यह स्थान प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए अद्भुत अनुभव प्रदान करता है।
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8. कामराज सागर झील
कामराज सागर झील ऊटी से 10 किमी दूर स्थित एक सुंदर पिकनिक स्थल है, जो हरे-भरे जंगलों के बीच स्थित है। यहां पर्यटक पिकनिक का आनंद ले सकते हैं, फोटोग्राफी कर सकते हैं और कपल्स अपनी वीडियो शूट कर सकते हैं। यह स्थान फिल्मों के रोमांटिक सीन के लिए भी प्रसिद्ध है।
9. मुरुगन मंदिर
ऊटी में स्थित भगवान मुरुगन का मंदिर अपनी अद्भुत वास्तुकला और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। यहां श्रद्धालु कावड़ी अट्टम नृत्य करते हैं, जो इस मंदिर का प्रमुख आकर्षण है और यात्रियों को आकर्षित करता है। मंदिर का वातावरण भक्तिपूर्ण और आकर्षक है।
10. स्टोन हाउस
ऊटी में 1822 में जॉन सुलिवन द्वारा निर्मित स्टोन हाउस ऊटी का पहला बंगला है। वर्तमान में यह भवन आर्ट्स कॉलेज के साथ जुड़ा हुआ है, जहां प्राचीन संरचनाओं और वास्तुकला का प्रदर्शन किया जाता है। यह ऐतिहासिक स्थल ऊटी के सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा है और पर्यटकों को वास्तुकला के अद्भुत उदाहरण को देखने का अवसर प्रदान करता है।
11. मुकुर्थी नेशनल पार्क
मुकुर्थी नेशनल पार्क लगभग 80 किमी² क्षेत्र में फैला हुआ है, जहां कई झरने और नदियाँ बहती हैं। यहां के जल स्रोतों के पास जानवरों और पक्षियों को आसानी से देखा जा सकता है, जो इस स्थान की प्राकृतिक सुंदरता को और भी बढ़ाते हैं। यह पार्क ट्रैकिंग के लिए भी प्रसिद्ध है, जो साहसिक गतिविधियों के शौक़ीनों के लिए आदर्श स्थल है।
12. बोटैनिकल गार्डन
22 हेक्टेयर में फैला ऊटी बॉटनिकल गार्डन एक प्रमुख आकर्षण है, यहां 650 से अधिक फूलों और पेड़ों की प्रजातियां पाई जाती हैं। इस गार्डन में 20 मिलियन वर्ष पुराना जीवाश्म वृक्ष है, जो इसे खास बनाता है। यहां टोडा जनजाति का भी बसेरा है, जहां आप उनकी प्राचीन संस्कृति और जीवनशैली को देख सकते हैं। ऊटी समर फेस्टिवल के दौरान फ्लावर शो का आयोजन भी किया जाता है
13. वैक्स वर्ल्ड
वैक्स वर्ल्ड, जो ऊटी से 2 किमी की दूरी पर स्थित है, एक आकर्षक स्थल है जहां भारत के महान क्रांतिकारी नेताओं की मोम की मूर्तियाँ प्रदर्शित की गई हैं। यहां न केवल प्रसिद्ध हस्तियों की मूर्तियां हैं बल्कि स्थानीय लोगों की जीवनशैली को भी दर्शाया गया है, जो दर्शकों को एक सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करता है। यह स्थान ऊटी के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है।
14. सुई व्यू हिलपॉइंट / सुई रॉक व्यू-पॉइंट
ऊटी से लगभग 51 किमी और गुडालुर से 8 किमी दूर स्थित सुई रॉक व्यू-पॉइंट, एक आकर्षक स्थल है जहां से 360 डिग्री में घाटियों, पहाड़ियों और जंगलों का अद्भुत दृश्य देखा जा सकता है। यहां खड़े होकर, जब बादल आपकी ओर आते हैं, तो यह एक रोमांचक अनुभव होता है। इस स्थान का आकार सुई जैसा होने के कारण इसे “सुई रॉक व्यू-पॉइंट” नाम दिया गया है।
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15. टोडा हट्स
ऊटी में टोडा हट्स स्वदेशी जनजाति के लोगों का निवास स्थल है, जहां अर्द्ध बैरल आकार की झोपड़ियाँ स्थित हैं। ये झोपड़ियाँ बिना खिड़कियों और छोटे दरवाजों वाली होती हैं, जो इनकी विशिष्टता को बढ़ाती हैं। टोडा जनजाति का मुख्य व्यवसाय मवेशी पालन और खेती करना है और उनके जीवन की सरलता और प्रकृति से निकटता पर्यटकों को आकर्षित करती है।
16. एमआरसी गोल्फ क्लब
गोल्फ क्लब रोडोडेंड्रोन, ओक, नीलगिरी और देवदार के हरे-भरे वन में स्थित है और यह लगभग 195 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। यह स्थल करीब 7,200 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है और गोल्फ खेलने के शौकीनों के लिए एक बेहतरीन जगह मानी जाती है।
ऊटी जाने का सबसे अच्छा समय – ooty jane ka sahi samay
ऊटी यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय अप्रैल से जून और सितंबर से नवंबर के बीच होता है। गर्मी के मौसम में जब तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से ऊपर नहीं जाता, ऊटी घूमने के लिए आदर्श होता है। ooty jane ka sahi time जुलाई से सितंबर तक भारी बारिश होती है, इसलिए इन महीनों में यात्रा से बचना चाहिए। सर्दी में अक्टूबर से फरवरी के बीच तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहता है।
निष्कर्ष :
इस लेख में आपने ऊटी हिल्स स्टेशन और ooty me ghumne ke sthal के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। ऊटी की सुरम्य झील, पहाड़ी दृश्य, और ऐतिहासिक स्थल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। आप हमें बताएं कि आपको ऊटी का कौन सा स्थल सबसे ज्यादा पसंद आया? अपने विचार कमेंट में जरूर साझा करें।